5 वर्ष तक के बच्चों को दस्त से बचाने 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा स्टॉप डायरिया अभियान*
*आशाएं घर-घर पहुंचाएंगी ओआरएस और जिंक की गोली*
*5 वर्ष तक के बच्चों में होने वाली मृत्यु में से 4.3% के पीछे डायरिया*
बीकानेर, 15 जून। 5 वर्ष तक के बच्चों को दस्त तथा उससे होने वाली मृत्यु से रक्षा हेतु देशभर में 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक स्टॉप डायरिया अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और जन-जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के अंतर्गत आशा सहयोगिनियां 5 साल तक के बच्चों का घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और ओआरएस के पैकेट तथा जिंक टेबलेट्स का वितरण करेंगी। ओआरएस घोल बनाने की विधि व हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कर स्वच्छता से स्वास्थ्य का संदेश दिया जाएगा। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ यूपीएचसी नंबर 1 अणचा बाई अस्पताल से किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध ने बताया कि 5 वर्ष तक के बच्चों में होने वाली मृत्यु में से 4.3 प्रतिशत मामलों में मुख्य कारण डायरिया होता है जिसे बड़े आसानी से रोकथाम कर बचाया जा सकता है। इस बार की थीम '"डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान" रखी गई है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी तथा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ भवानी शंकर गहलोत ने बताया कि सभी राजकीय चिकित्सालयों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा आंगनबाडी केन्द्रों पर ओआरएस जिंक कार्नर स्थापित किए जाएंगे। इस दौरान उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को डायरिया के लक्षण और बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इन कॉर्नर्स की मदद से ओआरएस तथा जिंक टेबलेट्स का निशुल्क वितरण भी आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
डॉ गहलोत ने बताया कि इस अभियान में बच्चों में दस्त से बचाव हेतु जन्म के उपरांत पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का ही दूध दिया जाना, टीकाकरण (विशेष रूप से रोटावायरस के विरुद्ध), स्वच्छ पेयजल का सेवन, साबुन से हाथ धोने, साफ-सफाई तथा उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समुदाय में साफ शौचालयों का उपयोग, सैनेटरी अपशिष्ट सहित कचरे का सुरक्षित निपटान, पीने के पानी की जांच (विशेषकर डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में) तथा गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति व ग्राम पंचायत एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियो की संयुक्त बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जलदाय विभाग, नगर निकाय का सहयोग भी लिया जाएगा।
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